उन्होंने कहा कि मृतकों की राजनीति करना शर्मनाक है और इस मुद्दे पर दोनों देशों की सरकारों को आपसी बातचीत करनी चाहिए
कोलकाता। तृणमूल प्रवक्ता शशि पांजा ने मीडिया को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर संविधान-विरोधी और बंगाल-विरोधी राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, उन पर हमले हो रहे हैं और यहां तक कि उनकी जान भी ली जा रही है।
डॉ. पांजा ने ओडिशा के संबलपुर में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मुर्शिदाबाद के तीन मजदूर आकिर शेख, पलाश शेख और जुएल राणा को केवल बंगाली बोलने के कारण 'बांग्लादेशीÓ बताकर हमला किया गया। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में इलाजरत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी जघन्य घटनाओं पर बीजेपी नेतृत्व की चुप्पी क्यों है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान और नादिया में मंच के सामने लिखे नारे बांचते चाई, बीजेपी ताई का हवाला देते हुए कहा कि यह नारा एक खुलेआम धमकी जैसा है मानो जीने के लिए बीजेपी के साथ होना अनिवार्य कर दिया गया हो। डॉ. पांजा ने आरोप लगाया कि असम और ओडिशा जैसे राज्यों में बंगाली बोलना अब अपराध बना दिया गया है, जो सीधे तौर पर संविधान का उल्लंघन है। टीएमसी नेता ने कहा कि पहले केंद्र सरकार ने बंगाल को आर्थिक रूप से कोने में धकेला और अब बंगालियों के जीवन के अधिकार पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने पीडि़त परिवारों से संपर्क कर उनके साथ एकजुटता दिखाई है, लेकिन सवाल यह है कि जो जान चली गई, वह क्या वापस आ सकती है? डॉ. शशि पांजा ने आरोप लगाया कि बीजेपी विभिन्न संगठनों की आड़ में कोलकाता में अराजकता फैलाने और तृणमूल कांग्रेस की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बांग्लादेश में दीपु चंद्र दास की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस और बंगाल सरकार बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ मजबूती से खड़ी है।उन्होंने बीजेपी पर बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को लेकर झूठा नैरेटिव गढऩे का आरोप लगाया और सवाल किया कि अगर बीजेपी इतनी चिंतित है तो दिल्ली में विरोध क्यों नहीं हो रहा? प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्री की चुप्पी पर भी उन्होंने सवाल उठाए। डॉ. पांजा ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जून 2025 में सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की यूनुस सरकार की तुलना बंगाल सरकार से करते हुए उसकी तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि मृतकों की राजनीति करना शर्मनाक है और इस मुद्दे पर दोनों देशों की सरकारों को आपसी बातचीत करनी चाहिए। सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बल की है।
इसके अलावा, डॉ. पांजा ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में क्रिसमस के त्योहार को मनाने से रोका जा रहा है और तोडफ़ोड़ की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी दूसरों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि बीजेपी के हाथ खून से सने हैं। शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी हैरान करने वाली है और यह संकेत देती है कि वे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इन घटनाओं का समर्थन कर रहे हैं।